वाद

प्रतिवाद :- "यहाँ‌ शोध मे बहु-पत्नियों का जिक तो खैर नही किया गया है इस लिये उस पर कोई टिप्प्णी नहीं। अब आते है तार्किक्ता पर। खेतिहर पुरूष और शिकारी तथा घूमन्तू पुरूष मे समसे बडा अंतर है स्थायित्व। जहाँ घुमन्तु पुरूष...

प्रतिवाद

इससे पूर्व की हम बात आगे बढायें, आपको इस नये स्तंभ की थोडी जानकारी दे दें। हम रचनायें प्रकाशित करते हैं‌, उन्हे पढते हैं लेकिन उनका समालोचनात्मक विश्लेषण नही होता है। ब्लागिगं जगत की तू मेरी पीठ खुजा मै तेरी प्रवत्ति कल्किआन मे वर्जित है। इसीलिय...

हरीश गोयल बने कल्किआन हिंदी सह-सम्पादक

कल्किआन हिंदी के सम्पादक तारा समूह मे एक और नक्षत्र जुड गया है। वरिष्ठ तथा लोकप्रिय विज्ञान साहित्यकार हरीश गोयल को कल्किआन का सह-संपादक नियुक्त किया गया है। अब तक हरीश गोयल के सैकडों‌ लेख तथा विज्ञान कथायें विभिन्न पत्र पत्रिकाओं मे प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमे प्रमुख हैं - विज्ञानं  प्रगति, विज्ञानं कथा पत्रिका, विज्ञानं,आविष्कार, वैज्ञानिक, मधुमती, (राज. साहित्य अकादमी), नंदन, सरिता, अवध अर्चना, नवभारत टाईम्स, दैनिक नवज्योति, राजस्थान पत्रिका वैचारिकी, इलेक्ट्रोनिकी आदि।

विश्व मोहन तिवारी, मानद सम्पादक कल्किआन, ने हरीश गोयल का स्वागत करते हुए कहा, "हरीश गोयल जी मेरे पुराने मित्र हैं, स्थापित विज्ञान कथाकार हैं। उन्हें सम्पादन का विपुल अनुभव है क्योंकि वे हिंदी की एकमात्र पत्रिका 'विज्ञान कथा' के सह-संपादक हैं। वे विचारों में खुले हैं एक विज्ञान विद्यार्थी की तरह ... अतएव उनकी विज्ञान कथाएँ भाविश्यओंमुख तो हैं ही विज्ञान कथाएँ अधिक हैं फंतासी कम। फंतासी उनमें ठीक उतनी होती है जितनी की एक कथा को भाविष्योंमुखी होने के लिए आवश्यक होती है। उन्होंने शायद हिंदी जगत में सर्वाधिक विज्ञान कथाएँ लिखी हैं। हिंदी कल्किआन उनके अनुभव से लाभान्वित होगा। उनका हिंदी  कल्किआन मे मैं ह्रदय से स्वागत करता हूँ और वायदा करता हूँ की कल्किआन दल के साथ काम करने में उन्हें आनंद आएगा। क्योंकि यहाँ हमारा सभी का एक ही लक्ष्य है 'हिंदी में विज्ञान साहित्य' की प्रगति -- कि विश्व के पटला पर उसका स्थान बने। यह अभी तो एक स्वप्न ही है, हम सब मिलकर उसे यथार्थ बनाएंगे।"

कल्किआन कार्यकारी सम्पादक, डा. अरविंद दुबे ने हरीश गोयल का कल्किआन परिवार मे स्वागत करते हुये कहा कि, "हरीश जी एक विशाल परिमाण में रचना करनेवाला लेखक हैं‌ और कल्किआन परिवार मे उनका स्वागत है।"

इस नियुक्ति पर कल्किआन समूह हरीश गोयल को हार्दिक बधाई देता है!

कल्किआन सम्पादक मंडल का स्वरूप अब यह हो गया है:

मानद संपादक -- विश्व मोहन तिवारी
कार्यकारी संपादक -- डॉ अरविन्द दुबे
सह-संपादक -- हरीश गोयल

उप-संपादक
अमित कुमार -- (प्रभार) विज्ञानं कथा व् कविता
जीशान जैदी -- (प्रभार) समाचार, ब्लॉग/चिट्टा व् विज्ञानं कथा
राजेश जैन -- (प्रभार)

संपादक मंडल
संपादक  (विज्ञान) -- शास्त्री जे. सी. फिलिप
चिट्टाकार समिति -- बालसुब्रमण्यम लक्ष्मीनारायण
इरफान ह्यूमन


प्रधान सम्पादक, संस्थापक एवं प्रकाशक
स्वप्निल भारतीय


 

Keywords: Science Fiction Writer, Harish Goyal

बहुत अच्छी बात है कि हिन्दी

बहुत अच्छी बात है कि हिन्दी विज्ञान प्रेमी एकत्र हो रहे हैं। कल्कि-आन से अब अधिक आशाएँ हैं। हिन्दी में महत्वपूर्ण एवं अधुनातन वैज्ञानिक एवं तकनीकी विषयों पर सरल एवं सुबोध भाषा में जानकारी उपलब्ध कराना बहुत उपयोगी कार्य है।