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drshyamgupt का ब्लॉग

आत्म-कथा -- 'आत्म' की कथा

मैं आत्म हूं। समस्त भूतों (पदार्थों) - जड, जंगम, जीव में अवस्थित, उनका स्वयं, उनका अन्तर; "सर्व भूतेषु आत्माः"। भौतिक विग्यानी मुझे ’एटम’ या ’परमाणु’ कहते हैं-अन्तिम कण, अर्थात प्रत्येक वस्तु का वह लघुतम अंश जिससे वह बनी है। अध्यात्म, मुझे ’आत्म’ कहता है, प्रत्येक भूत में निहित। अतः मैं एटम का भी आत्म हूं। मेरे विना परमाणु भी क्रिया नहीं कर सकता। वह

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by Dr. Radut.