वाद

प्रतिवाद :- "यहाँ‌ शोध मे बहु-पत्नियों का जिक तो खैर नही किया गया है इस लिये उस पर कोई टिप्प्णी नहीं। अब आते है तार्किक्ता पर। खेतिहर पुरूष और शिकारी तथा घूमन्तू पुरूष मे समसे बडा अंतर है स्थायित्व। जहाँ घुमन्तु पुरूष...

प्रतिवाद

इससे पूर्व की हम बात आगे बढायें, आपको इस नये स्तंभ की थोडी जानकारी दे दें। हम रचनायें प्रकाशित करते हैं‌, उन्हे पढते हैं लेकिन उनका समालोचनात्मक विश्लेषण नही होता है। ब्लागिगं जगत की तू मेरी पीठ खुजा मै तेरी प्रवत्ति कल्किआन मे वर्जित है। इसीलिय...

हेमन्त द्विवेदी

प्रकृति और हम

आकाश गंगा के कोने में तीव्र प्रकाश
और फिर एक विस्फोट
टिमटिमाती मणियां बिखर गयीं
सूरज का जन्म हुआ

कुछ समय और बीता
फिर एक मुठभेड़ हुई
आकाश के अंधेरे में
पृथ्वी का जन्म हुआ

लोग कहते हैं कि पृथ्वी से
किसी दानवाकृति की
तीखी तकरार में
चन्द्रमा का जन्म हुआ

विस्फोट, मुठभेड़, तकरार
प्रकाश, अंधेरा टिमटिम
के साथ साथ अदृश्य
आकर्षण भी गति करता रहा

आकर्षण देता है अर्थ
विध्वंस और निर्माण को
ठीक वैसे ही प्यार देता है
अर्थ जीवन को, मृत्यु को

-- हेमन्त द्विवेदी

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