भारत में क्यों नहीं हो रहे हैं पर्याप्त नवाचार या आविष्कार
Submitted by vishwa on रविवार, 03/10/2013 - 17:51उत्कृष्ट मानव वही है जो समस्याओं का हल निकाले..
नकल करने वाला तो स्पष्ट है कि पिछड़ा ही रहेगा, दूसरों की दया पर निर्भर करेगा, वह स्वाधीन नहीं हो सकेगा; भारत दुर्भाग्य से इसी दिशा में जा रहा है। अपनी श्रेष्ठ भाषाओं में शिक्षा प्राप्त करिये, और नवाचार और अनुसंधान करिये और स्वाधीन बनिये । स्वाधीनता के बिना जीवन ही क्या !
